आगर-मालवा। सावन माह के अंतिम सोमवार को बाबा बैजनाथ महादेव की शाही सवारी सोमवार को धार्मिक उल्लास और शाही ठाठ-बाट के साथ निकली। सुबह मंदिर में पूजन-अर्चन और रुद्राभिषेक के बाद दोपहर करीब 1 बजे चांदी की पालकी में विराजित बाबा बैजनाथ की सवारी शुरू हुई। कलेक्टर शेरसिंह मीना, एसपी दिलीप सोनी, सांसद महेंद्र सिंह सहित जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने पालकी को कंधे पर उठाकर यात्रा का शुभारंभ किया। शाही सवारी में करीब 4 दर्जन धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियां शामिल रहीं। एकता नगर की श्रीराम, हनुमान और शिव पर आधारित झांकी, आर्टिफिशियल हाथी पर सवार महादेव, नासिक के ढोल, अचलेश्वर महादेव मंदिर की झांकी, नाचती घोड़ियां, शिवभक्त जयनारायण बापजी का रथ, हनुमान झंडा मंडली और विभिन्न अखाड़े आकर्षण का केंद्र रहे। सवारी के आगे श्रीराम सेना के कार्यकर्ता झाड़ू से मार्ग की सफाई करते हुए चल रहे थे। जिला जेल के सामने पहुंचने पर जेल स्टाफ ने बाबा बैजनाथ को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सवारी की एक झलक पाने के लिए शहर के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मार्ग में 300 से अधिक स्वागत मंच बनाए गए थे। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह साबूदाना खिचड़ी, खीर, केले और लड्डू की प्रसादी वितरित की गई। सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 550 पुलिसकर्मी और कोटवार तैनात रहे। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से सवारी की निगरानी की गई। शाम करीब 5.30 बजे सवारी छावनी नाका पहुंची, जहां से नगर भ्रमण शुरू हुआ। झंडा चौक, रातडिया तालाब और नाना बाजार होते हुए रात करीब 9 बजे गोपाल मंदिर में हरिहर मिलन हुआ। इसके बाद सरकार बाड़ा और अस्पताल चौराहा होते हुए सवारी पुरानी कृषि उपज मंडी पहुंचेगी। यहां बाबा की आरती और पूजन के बाद आयोजन संपन्न होगा। करीब 1 लाख श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे की व्यवस्था की गई है।





