झंडा चौक पर हुआ पांचों बस्तियों के संचलन का संगम, पुरानी कृषि मंडी में पंच परिवर्तन और सामाजिक समरसता पर वक्ताओं ने रखे विचार
आगर मालवा। विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से आगर शहर में पथ संचलन निकाला गया। शहर की पांच बस्तियों से अलग-अलग निकले संचलन का छावनी स्थित झंडा चौक पर संगम हुआ। इसके बाद पांचों बस्तियों के स्वयंसेवक कदमताल करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। संचलन का समापन पुरानी कृषि उपज मंडी में हुआ, जहां आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार रखे।पथ संचलन में केशव बस्ती का संचलन कंपनी गार्डन, माधव बस्ती का पुराना जिन, मधुकर बस्ती का मालीपुरा धर्मशाला, शिवाजी बस्ती का सोमेश्वर महादेव मंदिर, मास्टर कॉलोनी और प्रताप बस्ती का संचलन संस्कार स्कूल से प्रारंभ हुआ। पांचों बस्तियों के स्वयंसेवक निर्धारित मार्गों से होते हुए झंडा चौक पहुंचे। यहां संगम के बाद सभी स्वयंसेवक एक साथ पुरानी कृषि मंडी पहुंचे।समापन कार्यक्रम में पांचों बस्तियों के वक्ता अभिषेक त्रिवेदी, सेवकराम प्रजापति, गोपाल बैरागी, राजेश मेड़तवाल और मोहन आर्य ने पंच परिवर्तन, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक अनुशासन और स्वदेशी वस्तुओं के महत्व पर उद्बोधन दिया।वक्ताओं ने पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता बताई। इसमें सामाजिक समरसता, परिवार में संस्कार और संवाद, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी के प्रति जागरूकता तथा नागरिक कर्तव्यों के पालन जैसे विषयों पर जोर दिया गया। सामाजिक समरसता का उद्देश्य जाति और भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव बढ़ाना है, जबकि कुटुंब प्रबोधन के तहत परिवार में संस्कार, पारस्परिक सम्मान और नई पीढ़ी को अच्छे मूल्य देने की बात शामिल है।नागरिक अनुशासन के अंतर्गत कानून, नियमों और सार्वजनिक जिम्मेदारियों के पालन को महत्वपूर्ण बताया गया। वहीं स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को देश में निर्मित उत्पादों को प्रोत्साहन देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से जोड़कर समझाया गया। कार्यक्रम में इन विषयों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया।

